समस्तीपुर जिले में चल रहे विकास कार्य के बीच एक गंभीर हादसा सामने आया है, जिसने निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के मगरदहीघाट इलाके में बूढ़ी गंडक नदी पर बने पुराने लचका पुल को तोड़ने का काम जारी था। इसी दौरान अचानक एक बड़ा हादसा हो गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुल ध्वस्तीकरण के दौरान एक भारी लोहे की रेलिंग अचानक ढह गई और वहां काम कर रहे एक मजदूर के ऊपर जा गिरी। रेलिंग की चपेट में आने से मजदूर संतुलन खो बैठा और सीधे नदी में जा गिरा। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद अन्य मजदूरों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उसे नदी से बाहर निकाला और तत्काल इलाज के लिए नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार घायल मजदूर की हालत नाजुक बनी हुई है।\ घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। उनका आरोप है कि इतने जोखिम भरे कार्य के बावजूद मौके पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। न तो मजदूरों को जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे और न ही कोई ठोस निगरानी व्यवस्था दिखाई दी। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। इधर, प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित एजेंसी या जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि विकास कार्यों के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का पालन भी उतना ही जरूरी है।







