प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आषाढ़ सप्तमी के अवसर पर आज श्रृंगवेरपुर स्थित मां गंगा घाट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दराज से आए भक्तों ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और पुण्य कमाया। पुराणों के अनुसार यह वही पवित्र स्थान है जहां मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम, माता जानकी और अनुज लक्ष्मण ने 14 वर्ष के वनवास के दौरान मां गंगा का पूजन कर अपनी यात्रा आरंभ की थी। यहीं पर केवट ने प्रभु श्री राम के चरण धोकर उन्हें गंगा पार कराया था। यह स्थल मनोकामना सिद्ध स्थान के रूप में भी जाना जाता है।
रामचरितमानस में भी उल्लेख है कि सीता सहित दोनों भाई श्रृंगवेरपुर पहुंचे थे। सुबह तीन बजे से ही प्रतापगढ़, प्रयागराज, सुल्तानपुर और अमेठी सहित विभिन्न जिलों से श्रद्धालु यहां पहुंचने लगे थे। भक्तों ने मां गंगा में डुबकी लगाने के बाद तीर्थ पुरोहितों को दान-दक्षिणा देकर पुण्य लाभ अर्जित किया। पुलिस विभाग की चुस्त-दुरुस्त व्यवस्थाएं देखने को मिलीं। जल पुलिस और अन्य सुरक्षाकर्मी गंगा जी में चारों ओर अपनी ड्यूटी मुस्तैदी से निभा रहे थे, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई।
मंजिला दुख भंजन महादेव सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष राम भजन त्रिपाठी ने बताया कि मंजिला मंदिर दुख भंजन महादेव में भक्तों के लिए सुचारु व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे उन्हें आने-जाने में कोई परेशानी नहीं हुई। सभी भक्तों ने भक्ति भाव के साथ मां गंगा में डुबकी लगाई।







