
वाशिंगटन: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने यूरोप से अपने पांचवीं पीढ़ी के एफ-35 और एफ-16 लड़ाकू विमानों को पश्चिम एशिया भेजना शुरू कर दिया है। यह जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में दी गयी है।
रिपोर्ट के अनुसार, एफ-16 लड़ाकू विमानों को जर्मनी के स्पैंगडाहलेम एयर बेस से, जबकि एफ-35 विमानों को ब्रिटेन के लेकेनहीथ एयर बेस से पश्चिम एशिया भेजा जा रहा है। इसके अलावा हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर विमान भी क्षेत्र में तैनात किये जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 18 जून की रात ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गये थे, हालांकि आठ जुलाई से अमेरिकी सेना ने ईरान पर कई हमले किये हैं। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने दावा किया कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ ईरान की गतिविधियों के जवाब में की गयी।
इसके जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया के कई देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किये। ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम संबंधी समझौते का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया। नौ जुलाई को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि युद्धविराम अब प्रभावी नहीं रहा।






