बुडापेस्ट (हंगरी): भारतीय पहलवानों ने शनिवार को पॉलीक इमरे, वर्गा जानोस और कोजमा इस्तवान मेमोरियल 2026 रेसलिंग टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए चौथे दिन एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य सहित कुल चार पदक अपने नाम किये। काजल ढोचक ने महिला फ्रीस्टाइल 76 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि अंतिम पंघाल चोट के कारण 53 किग्रा वर्ग के फाइनल से हटने की वजह से रजत पदक से संतोष करना पड़ा। महिला 57 किग्रा वर्ग में नेहा शर्मा ने रजत पदक जीता, जबकि 53 किग्रा वर्ग में निशु ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इस तरह भारत ने बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज के चौथे दिन कुल चार पदक हासिल किए।
फरवरी में जाग्रेब ओपन में कांस्य पदक जीतने के बाद अपने पहले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में उतरीं 21 वर्षीय अंतिम पंघाल ने फाइनल तक शानदार प्रदर्शन किया। एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम का हिस्सा अंतिम ने शुरुआती तीनों मुकाबले 10-0 के तकनीकी श्रेष्ठता के अंतर से जीते। उन्होंने जर्मनी की बियांका फाथ, चीन की ली यूशुआन और अमेरिका की क्रिस्टेल रोड्रिगेज को एकतरफा अंदाज में हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में अंतिम ने मौजूदा एशियाई चैंपियन चीन की झांग जिन को रोमांचक मुकाबले में 7-5 से हराया। इस दौरान उन्होंने लंबे समय तक चले पिन प्रयास से खुद को बचाते हुए जीत दर्ज की। फाइनल से पहले चोट लगने के कारण अंतिम को स्वीडन की एम्मा माल्मग्रेन के खिलाफ स्वर्ण पदक मुकाबले से हटना पड़ा। इसके चलते उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
मौजूदा अंडर-20 विश्व चैंपियन काजल ढोचक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला 76 किग्रा वर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल में उन्होंने अमेरिका की पूर्व पैन अमेरिकन चैंपियन डायमंड गिलफोर्ड को 3-3 की बराबरी के बाद क्राइटेरिया के आधार पर हराकर खिताब अपने नाम किया। सेमीफाइनल में काजल ने रोमानिया की पूर्व यूरोपीय चैंपियन अलेक्जेंड्रा एंगेल को 9-0 से मात दी थी। इससे पहले उन्होंने चीन की शुइयान चेंग को 3-0 से हराया था।
महिला 57 किग्रा वर्ग में नेहा शर्मा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। हालांकि, फाइनल में उन्हें चीन की ओलंपिक पदक विजेता होंग केशिन के खिलाफ फॉल से हार का सामना करना पड़ा। नेहा ने क्वालिफिकेशन राउंड में कनाडा की मिया फ्रिसेन को 4-4 की बराबरी के बाद क्राइटेरिया के आधार पर हराया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में अमेरिका की पैन अमेरिकन चैंपियन अमांडा मार्टिनेज को 6-1 और सेमीफाइनल में ब्राजील की जियूलिया पेनालबर को 4-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
महिला 53 किग्रा वर्ग में निशु ने कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने शुरुआती मुकाबले में नातिया स्वानिद्जे को 11-10 से हराया, लेकिन राउंड ऑफ-16 में बाद में फाइनलिस्ट बनीं स्वीडन की एम्मा माल्मग्रेन से हार गईं। रेपेचेज के जरिए कांस्य पदक मुकाबले में पहुंचीं निशु ने पहले कनाडा की मैडिसन पार्क्स को हराया और फिर रोमानिया की ओलंपियन आंद्रिया बीट्रिस आना को 2-2 की बराबरी के बाद क्राइटेरिया के आधार पर मात देकर कांस्य पदक जीत लिया।
वहीं, महिला 76 किग्रा वर्ग के कांस्य पदक मुकाबले में प्रिया मलिक को चीन की वेनजी ली से 5-3 से हार का सामना करना पड़ा। ग्रीको-रोमन 72 किग्रा वर्ग में अनिल भी रेपेचेज के जरिए कांस्य पदक मुकाबले तक पहुंचे, लेकिन जॉर्जिया के मिशिको अलेक्जेंड्रिया से 5-2 से हार गए। पूर्व एशियाई चैंपियन सुनील कुमार ग्रीको-रोमन 87 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ-16 में क्रोएशिया के मातेज से 5-3 से हारकर बाहर हो गए। वहीं, दीक्षा मलिक (72 किग्रा) मेडल राउंड तक नहीं पहुंच सकीं, जबकि तपस्या (57 किग्रा) चोट के कारण क्वालिफिकेशन राउंड से ही बाहर हो गईं।
टूर्नामेंट के अंतिम दिन रविवार को ग्रीको-रोमन शैली के 55, 60, 63, 82, 97 और 130 किग्रा वर्गों के मुकाबले खेले जाएंगे। भारत की ओर से 97 किग्रा में नितेश कुमार, 55 किग्रा में ललित, 60 किग्रा में चेतन और सुमित, 63 किग्रा में सनी कुमार, 82 किग्रा में प्रिंस और 130 किग्रा में दीपांशु चुनौती पेश करेंगे।







