मुंबई: सोनी सब के पौराणिक धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ में युवा पांडवों और कौरवों की गुरुकुल यात्रा के बीच कहानी एक रोमांचक मोड़ लेने वाली है। आगामी एपिसोड में गुरु द्रोणाचार्य की जान मगरमच्छ के हमले के कारण खतरे में पड़ जाएगी।
कहानी के अनुसार गंगा नदी के किनारे मगरमच्छों के लगातार हमलों से ग्रामीण परेशान हैं। मदद की गुहार लेकर ग्रामीण गुरु द्रोणाचार्य के पास पहुंचते हैं। इसके बाद द्रोणाचार्य युवा राजकुमारों को इलाके का निरीक्षण कर मगरमच्छों के हमलों का समाधान खोजने की जिम्मेदारी सौंपते हैं।
इलाके की जांच के दौरान हालात अचानक बिगड़ जाते हैं और गुरु द्रोणाचार्य नदी में गिर जाते हैं। इसी बीच एक मगरमच्छ उन पर हमला कर देता है। गुरु को संकट में देखकर युधिष्ठिर और अर्जुन उन्हें बचाने के लिए तुरंत आगे आते हैं।
इस घटना के दौरान दोनों राजकुमारों के साहस, समझदारी और आपसी तालमेल की परीक्षा होगी। वहीं, मुश्किल परिस्थिति में पांडवों और कौरवों के बीच मतभेद पीछे छूटते नजर आएंगे।
गुरु द्रोणाचार्य का किरदार निभा रहे जितेन लालवानी ने कहा कि उनके लिए हर चुनौती शिष्यों को कोई महत्वपूर्ण सीख देने का अवसर है। उनके मुताबिक साहस का अर्थ सिर्फ युद्ध करना नहीं, बल्कि कठिन समय में धैर्य बनाए रखते हुए सही फैसला लेना भी है।
वहीं युधिष्ठिर की भूमिका निभा रहे अथर खान ने कहा कि जब गुरु संकट में हों, तब पांडवों और कौरवों के बीच के मतभेद महत्वपूर्ण नहीं रह जाते। ऐसे समय में सभी को एकजुट होकर मदद के लिए आगे आना चाहिए।
‘हस्तिनापुर के वीर’ का प्रसारण सोनी सब पर सोमवार से शनिवार रात 9 बजे किया जाता है।







