सीतामढ़ी: अप्रैल माह में जहां एक ओर दिन के समय चिलचिलाती धूप और तेज गर्मी ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर रखा है, वहीं मंगलवार की सुबह मौसम ने अचानक करवट लेकर सभी को हैरान कर दिया। सीतामढ़ी और शिवहर जिले के कई हिस्सों में सुबह-सुबह घना कुहासा छाया रहा, जिससे लोगों को कुछ समय के लिए सर्दी के मौसम जैसा एहसास हुआ। सुबह करीब 4:30 बजे से ही शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में धुंध जैसी स्थिति देखने को मिली।
दृश्यता में हल्की कमी आई, जिसके चलते सड़कों पर चलने वाले वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी और कई जगहों पर हेडलाइट का सहारा लेना पड़ा। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों के बीच यह मौसम परिवर्तन चर्चा का विषय बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी और दोपहर के समय तेज धूप के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। ऐसे में सुबह का यह ठंडा और धुंध भरा माहौल अप्रत्याशित जरूर था, लेकिन इससे कुछ समय के लिए राहत का अनुभव भी हुआ। जिला कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक डॉ राम ईश्वर प्रसाद के अनुसार, यह स्थिति पूरी तरह सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
दिन में अधिक गर्मी पड़ने के कारण वातावरण में नमी बढ़ जाती है। रात के समय जब तापमान में गिरावट आती है और हवा की गति धीमी हो जाती है, तो यही नमी संघनित होकर सुबह के समय कुहासा का रूप ले लेती है। इस प्रक्रिया को वैज्ञानिक भाषा में रेडिएशन फॉग कहा जाता है। हालांकि जैसे-जैसे सूरज ऊपर चढ़ा, कुहासा धीरे-धीरे छंटता गया और एक बार फिर से तेज धूप ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। मौसम वैज्ञानिको का मानना है कि यह बदलाव अस्थायी है और आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है। फिलहाल, सुबह के इस बदले मौसम ने लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन दिन के समय बढ़ती गर्मी से बचाव के लिए सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की जरूरत है।







