डेहरी: डेहरी शहर में लगातार बढ़ रही जाम और अतिक्रमण की समस्या को लेकर शहर के समाजसेवियों ने रोहतास के नवनियुक्त जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा से मुलाकात कर शीघ्र समाधान की मांग की। समाजसेवियों ने कहा कि जाम, अतिक्रमण और पाली पुल की अधूरी व्यवस्था के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है, जिससे आम लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डेहरी के समाजसेवी सलीम रजा, बंटी पटेल और उनके सहयोगियों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर डीएम से शिष्टाचार मुलाकात की तथा उन्हें डेहरी शहर की प्रमुख जनसमस्याओं से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि शहर के मुख्य बाजारों और सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण जाम अब स्थायी समस्या बन चुकी है। स्कूल खुलने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। स्कूली बच्चों, मरीजों और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है।
समाजसेवी सलीम रजा ने पाली पुल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पुल पूरी क्षमता से चालू नहीं होने के कारण पूरे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि पुल के जल्द संचालन से जाम की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है। वहीं समाजसेवी बंटी पटेल ने कहा कि लगातार लगने वाले जाम के कारण सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में भी वृद्धि हुई है और कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावी यातायात व्यवस्था लागू करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को लिखित ज्ञापन सौंपते हुए अतिक्रमण हटाने, पाली पुल को जल्द चालू कराने, शहर में ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत करने तथा सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ठोस कार्रवाई की मांग की। समाजसेवियों ने कहा कि नए जिलाधिकारी के आने से लोगों में उम्मीद जगी है कि वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान अब प्राथमिकता के आधार पर होगा।
इस दौरान डेहरी को स्वतंत्र जिला बनाने की मांग का मुद्दा भी उठाया गया। समाजसेवियों का कहना था कि प्रशासनिक दृष्टि से डेहरी का महत्व लगातार बढ़ रहा है, इसलिए इस दिशा में भी गंभीर पहल की जानी चाहिए।
जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं की समीक्षा कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे। यदि चाहें, इसे और अधिक अखबार की प्रोफेशनल रिपोर्टिंग शैली (दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान या प्रभात खबर जैसी) में भी तैयार किया जा सकता है।







