
मुजफ्फरपुर: सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर सीतामढ़ी की एक प्रतियोगी छात्रा से ₹21.31 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में पीड़िता के पिता ने दो सगे भाइयों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर आरोपियों ने छात्रा से न केवल बड़ी रकम ठगी, बल्कि उसके सभी मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र और जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रख लिए। पीड़िता के पिता ने मुजफ्फरपुर सदर थाना में दर्ज कराई गई एफआईआर में कुढ़नी थाना क्षेत्र के खरौना जयराम निवासी यश राज उर्फ जिम्मी और उसके भाई जीत कुमार चौधरी उर्फ रॉकी को नामजद आरोपी बनाया है।
आवेदन के अनुसार, दोनों आरोपी वर्तमान में नगर थाना क्षेत्र के मोतीझील स्थित स्मृति प्लाजा अपार्टमेंट में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं, जबकि उनका संबंध भगवानपुर चौक स्थित मनोकामना नगर इलाके से बताया गया है। आरोप है कि दोनों भाइयों ने रामस्वार्थ साह की पुत्री जया भारती उर्फ भारती गामी को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इस दौरान उन्होंने छात्रा से मैट्रिक, इंटर और स्नातक के मूल प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक से संबंधित दस्तावेज भी ले लिए। आरोपी यश राज ने अपने भगवानपुर स्थित एक सरकारी बैंक खाते में रुपये जमा कराने को कहा, जिसके बाद अलग-अलग तिथियों में पहले ₹16,31,500 और फिर ₹5 लाख की राशि ली गई।
कुल मिलाकर आरोपियों ने छात्रा से ₹21,31,500 वसूल लिए, जिनमें ₹16.31 लाख बैंक खाते के माध्यम से और ₹5 लाख अन्य माध्यम से दिए गए। तय समय के बाद न तो नौकरी दिलाई गई और न ही दस्तावेज लौटाए गए। जब पीड़ित परिवार ने पैसे और कागजात वापस मांगे तो आरोपियों ने जान से मारने, झूठे मुकदमों में फंसाने और गाली-गलौज की धमकी दी। पीड़िता के पिता ने आशंका जताई है कि आरोपियों ने इसी तरह अन्य लोगों के साथ भी ठगी की हो सकती है। मूल प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण छात्रा किसी प्रतियोगी परीक्षा में आवेदन भी नहीं कर पा रही है, जिससे परिवार मानसिक तनाव में है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।






