पटना : पटना के मसौढ़ी थाना के मनीचक गांव में शुक्रवार की शाम अपहृत युवक को बचाने पहुंची पुलिस टीम पर अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस दौरान एक गोली अतिरिक्त थानाध्यक्ष राहुल कुमार के पैर में लगी, दूसरी गोली एएसआई संजय कुमार के हाथ को छूते हुए निकल गई। अचानक हुए हमले के बावजूद पुलिस टीम ने साहस दिखाते हुए जवाबी फायरिंग की, जिसके बाद अपराधी भागने पर मजबूर हो गए। दोनों घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल पटना एम्स में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। इधर, पुलिस की जवाबी कार्रवाई करते हुए गोलीबारी की। इसमें एक गोली कुख्यात अपराधी को लगी। वह घायल हो गया।
पुलिस ने उसके द्वारा अगवा किए गए युवक को सकुशल मुक्त करा लिया। इसके बाद घायल अपराधी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा लेकिन उसकी मौत हो गई। पटना के पुलिस अधीक्षक पूर्वी (एसपी) परिचय कुमार ने बताया कि शुक्रवार की शाम करीब 7:30 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी एक युवक का अपहरण कर उसकी हत्या की साजिश रच रहे हैं। सूचना मिलते ही अतिरिक्त थानेदार राहुल कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस का कहना है घटना में शामिल अन्य सभी अपराधियों की पहचान कर ली है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इलाके में लगातार छापेमारी की जा रही है। एसपी परिचय कुमार ने बताया कि पुलिस द्वारा मुक्त कराए गए युवक ने पूछताछ में बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया।
उसने बताया कि अपराधियों ने उसे ऑनलाइन शॉपिंग एप पर मोबाइल खरीदने-बेचने के बहाने मनीचक गांव बुलाया था। वहां पहुंचते ही करीब छह अपराधियों ने उसे बंधक बना लिया। अपराधियों ने उसके साथ गंभीर मारपीट की और पैसे लूटने का प्रयास किया। जब युवक ने इसका विरोध किया, तो अपराधी उसकी हत्या करने की योजना बनाने लगे। इसी बीच मुस्तैद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसकी जान बचा ली। एसपी परिचय कुमार ने बताया कि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक अपराधी को गोली लगी थी। उसके साथी उसे छिपाकर पहले पुनपुन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, फिर पीएमसीएच और उसके बाद मैक्स अस्पताल ले गए। वहां से पारस अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई। मृत अपराधी की पहचान मोहम्मद हैदर के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, हैदर का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसे पूर्व में भी हत्या के एक मामले में मसौढ़ी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था और वह कुछ महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था।







