पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार अब औपचारिक रूप से पूर्व मुख्यमंत्री बन गए हैं। उनके स्थान पर भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल ली है। इस बदलाव के साथ ही राज्य की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है। सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर अपना बायो भी बदल लिया है, जिसमें उन्होंने खुद को पूर्व मुख्यमंत्री, राज्यसभा सांसद और जदयू अध्यक्ष के रूप में उल्लेख किया है। उन्होंने नए मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए भरोसा जताया कि उनके नेतृत्व में बिहार विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान नीतीश कुमार काफी सक्रिय नजर आए। उन्होंने गठबंधन के नेताओं से मुलाकात की और सम्राट चौधरी को माला पहनाकर स्वागत किया। बताया जा रहा है कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री आवास भी खाली कर नए आवास में शिफ्ट हो सकते हैं।
बिहार में पहली बार भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनी है, जिसमें नीतीश कुमार की भूमिका अहम रही। एनडीए की बैठक में उन्होंने ही सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी। नई सरकार में जदयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। फिलहाल मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम ही सरकार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। कैबिनेट विस्तार बहुमत साबित होने के बाद किया जाएगा। शपथ लेने के तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने कामकाज संभाल लिया और अधिकारियों के साथ बैठक कर प्राथमिकताओं पर चर्चा की। उनके नेतृत्व में राज्य में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।







