पटना/समस्तीपुर। बिहार की राजनीति में हुए ताजा बदलाव के बीच जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक बार फिर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत होने का संकेत दिया है। समस्तीपुर जिले के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले चौधरी के डिप्टी सीएम बनने पर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और समर्थकों का तांता लगा हुआ है। भूमिहार समाज से आने वाले विजय चौधरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद और करीबी नेताओं में गिना जाता है। पार्टी संगठन और सरकार—दोनों में उनकी भूमिका लंबे समय से अहम रही है। विजय चौधरी का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। राजनीति में आने से पहले वे भारतीय स्टेट बैंक में अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। उनके पिता भी विधायक रहे थे। पिता के निधन के बाद उन्होंने 1982 में दलसिंहसराय विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर उपचुनाव लड़ा और जीत दर्ज कर पहली बार विधानसभा पहुंचे।
इसके बाद 1985 से 1990 तक वे कांग्रेस विधायक रहे। बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच उन्होंने 2005 में जदयू का दामन थामा और तब से लगातार पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। वर्तमान में वे सरायरंजन से विधायक हैं। सरकारी जिम्मेदारियों की बात करें तो विजय चौधरी ने जल संसाधन, संसदीय कार्य, शिक्षा, वित्त और वाणिज्य कर जैसे महत्वपूर्ण विभागों की कमान संभाली है। इसके अलावा वे बिहार विधानसभा के अध्यक्ष पद पर भी रह चुके हैं, जिससे उनकी प्रशासनिक क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है।अब उपमुख्यमंत्री बनने के बाद उनसे राज्य में विकास कार्यों को नई गति देने की उम्मीद जताई जा रही है।







