
पटना। बिहार सरकार ने सीतामढ़ी के सुनियोजित शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने ‘सीतापुरम’ नामक सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना को मंजूरी देते हुए करीब 700 एकड़ क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और नए निर्माण कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध मास्टर प्लान के अंतिम रूप लेने तक लागू रहेगा। विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस टाउनशिप के लिए चिह्नित ‘कोर क्षेत्र’ और विशेष क्षेत्र में किसी भी प्रकार का भूमि विकास कार्य फिलहाल नहीं किया जा सकेगा। मास्टर प्लान को 30 जून 2027 तक अधिसूचित करने का लक्ष्य रखा गया है। तब तक इन इलाकों में निर्माण और रजिस्ट्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। प्रस्तावित टाउनशिप का केंद्र धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पुनौरा धाम को बनाया गया है।
इसके आसपास के क्षेत्र को विकसित कर एक आधुनिक ‘स्पिरिचुअल सिटी’ के रूप में तैयार करने की योजना है। इस परियोजना के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र के साथ डुमरा प्रखंड के 16 राजस्व गांवों को शामिल किया गया है। अनियंत्रित निर्माण पर रोक लगाने के लिए स्थानीय निबंधन कार्यालय को भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य भविष्य के शहरी विस्तार के लिए जमीन को सुरक्षित रखना है, ताकि आधारभूत संरचना के विकास में कोई बाधा न आए। योजना के तहत चौड़ी सड़कें, आधुनिक सीवरेज सिस्टम, रिंग रोड से कनेक्टिविटी, होटल, मॉल और पार्क जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस परियोजना से जिले में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले आधिकारिक जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी परेशानी से बचा जा सके।






