
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में जनपद पंचायत छुईखदान कार्यालय भवन के मरम्मत कार्य में शासकीय नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं की अनदेखी के आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) से लिखित शिकायत कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
शिकायत में ग्राम पंचायत खैरा नवापारा को मरम्मत कार्य की एजेंसी बनाए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, कार्यालय भवन के जीर्णोद्धार और मरम्मत का काम सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति, तकनीकी स्वीकृति, ले-आउट और विधिवत कार्यादेश के बिना शुरू कराया गया। तकनीकी अमले की मौजूदगी के बिना काम कराए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
इसके अलावा ग्राम पंचायत खैरा नवापारा को कार्य एजेंसी बनाए जाने की प्रक्रिया की भी जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि ग्राम पंचायत के निर्धारित कार्यक्षेत्र से बाहर जनपद पंचायत कार्यालय भवन का मरम्मत कार्य किस प्रावधान के तहत उसे सौंपा गया।
जिला पंचायत सीईओ को सौंपे गए शिकायत पत्र में कार्य की स्वीकृति, एजेंसी निर्धारण, भुगतान प्रक्रिया और अब तक खर्च की गई राशि की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। साथ ही खर्च की गई राशि के भौतिक सत्यापन और अनियमितता मिलने पर वसूली तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने प्रभारी जनपद सीईओ की भूमिका की भी जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर निलंबन अथवा अन्य विभागीय कार्रवाई की मांग की है।






