पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रख्यात हिंदी कवि एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार कुंवर नारायण की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि संवेदनशील दृष्टि, गहन चिंतन और कालजयी रचनाओं के माध्यम से कुंवर नारायण ने हिंदी साहित्य को समृद्ध किया। उनकी साहित्यिक कृतियां पाठकों को नए दृष्टिकोण और विचार प्रदान करती रहेंगी।
उन्होंने कहा कि कुंवर नारायण की साहित्यिक साधना हिंदी साहित्य की महत्वपूर्ण विरासत है। उनकी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेंगी।
कुंवर नारायण का जन्म 19 सितंबर 1927 को उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में हुआ था। वह आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रमुख कवियों में शामिल रहे। उनकी चर्चित कृतियों में ‘चक्रव्यूह’, ‘परिवेश : हम-तुम’, ‘आत्मजयी’, ‘अपने सामने’ और ‘कोई दूसरा नहीं’ शामिल हैं।
उन्हें 1995 में साहित्य अकादमी पुरस्कार और 2005 में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।







