लखनऊ: राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यकर्ता बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष ऐश्वर्य राज सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में राष्ट्रीय महासचिव संगठन त्रिलोक त्यागी समेत पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि और अलग-अलग जिलों से आए कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में संगठन की गतिविधियों, सदस्यता अभियान, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय और जनसंपर्क अभियान को प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महासचिव संगठन त्रिलोक त्यागी ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक रालोद कार्यकर्ताओं में उत्साह और सक्रियता दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक संगठन की वास्तविक ताकत उसके कार्यकर्ताओं की सक्रियता से तय होती है। ऐसे में कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संवाद बनाए रखना, उनकी समस्याओं को समझना और उनके सुझावों को संगठन में उचित महत्व देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों, मजदूरों, ग्रामीण समाज और आम लोगों के हितों को राजनीति के केंद्र में रखा था। रालोद उनकी विचारधारा और मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से गांवों, कस्बों और शहरों में नियमित बैठकें आयोजित करने तथा आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करने का आह्वान किया।
त्रिलोक त्यागी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं की जानकारी लेकर उन्हें उचित मंच पर उठाना संगठन की प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही बूथ स्तर पर सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं की भूमिका को और मजबूत करने की जरूरत है।
प्रदेश अध्यक्ष ऐश्वर्य राज सिंह ने कहा कि कार्यकर्ता संगठन की सबसे बड़ी ताकत हैं। प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संगठन को सक्रिय बनाने और कार्यकर्ताओं से लगातार संवाद कायम रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने युवाओं, किसानों, महिलाओं और श्रमिकों को संगठन से जोड़ने पर भी जोर दिया।
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा ने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने को प्रदेश संगठन की प्रमुख प्राथमिकता बताया। राष्ट्रीय महासचिव एवं संसदीय बोर्ड सदस्य अनिल दुबे ने कार्यकर्ताओं से पार्टी की नीतियों और विचारधारा को जनता तक पहुंचाने की अपील की। बैठक के दौरान अनिल दुबे की माताजी के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।







