अलवर: राजस्थान में सरकारी शिक्षकों को अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने को लेकर दिये गये बयान पर उठे विवाद के बीच राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने सफाई देते हुए कहा है कि उनके बयान को मीडिया ने गलत तरीके से प्रस्तुत किया है और उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया, जिससे विवाद पैदा हो।
श्री दिलावर ने शुक्रवार को अलवर में जारी बयान में कहा कि उनका बयान किसी सरकारी आदेश या निर्देश के रूप में नहीं था, बल्कि एक सामाजिक सम्मेलन में हुए संवाद का हिस्सा था। उन्होंने बताया कि खटीक समाज के एक सम्मेलन में कार्यरत और सेवानिवृत्त शिक्षक मौजूद थे। उसी दौरान उन्होंने शिक्षकों से कहा था कि जब सरकारी स्कूलों के बच्चे 99 प्रतिशत तक अंक प्राप्त कर रहे हैं और अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, तो शिक्षकों को अपनी शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “ मैंने शिक्षकों से केवल इतना कहा था कि आप अच्छा पढ़ा रहे हैं और सरकारी स्कूलों के बच्चे उत्कृष्ट परिणाम ला रहे हैं, तो फिर आप अपने बच्चों को निजी स्कूलों में क्यों पढ़ा रहे हैं। अपने ही स्कूलों और अपनी शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास होना चाहिए।” श्री दिलावर ने कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया, जबकि उनका उद्देश्य सरकारी स्कूलों और वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों का मनोबल बढ़ाना था। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक खुद अपने स्कूलों पर विश्वास जताएंगे, तो समाज में भी सरकारी शिक्षा के प्रति भरोसा बढ़ेगा।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में श्री दिलावर के बयान को लेकर राज्य में राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में बहस छिड़ गयी थी। विपक्ष और शिक्षक संगठनों ने इस पर सवाल उठाये थे। अब उन्होंने खुद सामने आकर स्पष्ट किया है कि उनका मकसद किसी पर टिप्पणी करना नहीं, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था के प्रति विश्वास पैदा करना है।







