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अनुव्रत मंडल के सियासी पाले बदलने की चर्चा तेज, ऋतब्रत गुट में शामिल होने की अटकलें

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There is speculation that Anuvrat Mandal will switch political sides, and he may join the Ritabrata faction.

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बीरभूम से तृणमूल कांग्रेस के प्रभावशाली नेता अनुव्रत मंडल पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खेमे को छोड़कर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट में शामिल होने जा रहे हैं। यदि शनिवार को इसकी औपचारिक घोषणा होती है, तो तृणमूल कांग्रेस में जारी अंदरूनी विभाजन के बीच ममता गुट के लिए इसे एक और बड़ा झटका माना जाएगा। ऋतब्रत गुट के सूत्रों के अनुसार, श्री मंडल के शामिल होने को लेकर सभी स्तरों पर बातचीत पूरी हो चुकी है और अब केवल औपचारिक घोषणा शेष है।
उन्हें ऋतब्रत गुट की ओर से बीरभूम जिला अध्यक्ष बनाये जाने की भी संभावना है। बताया जा रहा है कि इस घटनाक्रम ने शुक्रवार को उस समय तेजी पकड़ी, जब पूर्व उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी ने विधानसभा में श्री बनर्जी से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक के बाद ऋतब्रत गुट के एक विधायक ने फोन पर मंडल से संपर्क किया।


बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच उनके गुट में शामिल होने की शर्तों पर सहमति बन गयी। सूत्रों का कहना है कि फोन पर हुई बातचीत में मंडल को ऋतब्रत गुट का बीरभूम जिला अध्यक्ष बनने का प्रस्ताव दिया गया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। ऋतब्रत गुट की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक शनिवार को प्रस्तावित है, जिसके बाद उसके नेता संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इसी संवाददाता सम्मेलन में श्री मंडल की नियुक्ति की औपचारिक घोषणा किये जाने की संभावना है। वर्षों तक श्री मंडल को ममता बनर्जी के सबसे करीबी राजनीतिक सहयोगियों और उनके विश्वस्त नेताओं में गिना जाता रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने राजनीतिक और कानूनी कठिन दौर में भी लगातार उनका साथ दिया था। सुश्री बनर्जी ने बोगटुई हिंसा के बाद भी उनका समर्थन किया था और जेल जाने के बाद भी उनकी प्रशंसा जारी रखी थी।

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दूसरी ओर, मंडल भी वर्षों तक सुश्री बनर्जी के प्रति पूरी तरह निष्ठावान बने रहे। हालिया विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने कहा था कि पार्टी का उम्मीदवार कोई भी हो, चुनाव का चेहरा केवल ‘दीदी’ ही रहेंगी। चुनाव के बाद उनके सार्वजनिक बयानों में पार्टी नेतृत्व से मतभेद के संकेत मिलने लगे। उन्होंने विभिन्न अवसरों पर कहा कि पार्टी को कांग्रेस से टकराव नहीं करना चाहिए था और यह भी संकेत दिया कि यदि उन्हें सम्मान नहीं मिला तो वह संगठन में नहीं रहेंगे। इस बीच, ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट ने स्वयं को ‘वास्तविक तृणमूल’ बताते हुए 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन किया है।


इस समिति में पूर्व उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी, बोलपुर के विधायक चंद्रनाथ सिन्हा, लाभपुर के पूर्व विधायक अभिजीत सिन्हा तथा बीरभूम में मंडल के करीबी राजनीतिक सहयोगी माने जाने वाले काजल शेख शामिल हैं। मंडल के संभावित रूप से इस गुट में शामिल होने से पहले फिरहाद हकीम और अरूप राय सहित कई वरिष्ठ नेता ममता गुट को छोड़ चुके हैं।
पूर्व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य भी ममता गुट के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे चुकी हैं। यदि शनिवार को प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार इसकी घोषणा होती है, तो मंडल ऋतब्रत गुट में शामिल होने वाले नवीनतम प्रमुख नेता होंगे, जिससे तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी राजनीतिक बदलाव और तेज होने की संभावना है।