
नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की भारत यात्रा से जहां दोनों देशों के संबंधों में नयी ऊर्जा आयी, वहीं उनकी मौजूदा यात्रा से दोनों के संबंधों में नये अध्याय की शुरुआत हुई है।उन्होंने कहा कि दोनों देश स्पष्ट लक्ष्यों और ठोस परिणामों के साथ परस्पर सहयोग को आगे बढ़ाएंगे।
श्री मोदी ने उनके सम्मान में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित भोज के दौरान अपने संबोधन में उनके भारतीय प्रतिनिधिमंडल के गर्म जोशी भरे स्वागत के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष प्रधानमंत्री लक्सन की भारत यात्रा से दोनों देशों के संबंधों में नयी ऊर्जा आयी और वर्तमान यात्रा दोनों देशों के संबंधों में नये अध्याय की शुरुआत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देश स्पष्ट लक्ष्यों और ठोस परिणामों के साथ सहयोग को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने मुक्त व्यापार समझौते को उद्योगों, किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर खोलने वाला बताया।
श्री मोदी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में दोनों देशों के व्यापार में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है और मुक्त व्यापार समझौता अगले पांच वर्षों में व्यापार को दोगुना करने का मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने न्यूजीलैंड के भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश संकल्प का स्वागत किया। उन्होंने वित्त प्रौद्योगिकी, कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, पारंपरिक चिकित्सा, रक्षा और सुरक्षा क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग के लिए एक ढांचे पर सहमति बनायी है। श्री मोदी ने भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि लोगों के बीच संबंध दोनों देशों की सबसे मजबूत ताकत हैं। उन्होंने सांस्कृतिक सहयोग समझौते, शिक्षा और खेल क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड वैश्विक मंच पर भरोसेमंद साझेदार हैं और संयुक्त राष्ट्र सहित अन्य वैश्विक संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर दोनों देशों की समान सोच है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग के लिए संयुक्त कार्य समूह के गठन का भी जिक्र किया।
प्रधानमंत्री ने माओरी नव वर्ष ‘मातरिकी’ की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इसे भारत में प्राचीन काल से ‘कृत्तिका नक्षत्र’ के रूप में जाना जाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री लक्सन की मित्रता और प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देश आपसी विश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे।






