तिरुवनंतपुरम: तिरुवनंतपुरम के मेयर वी.वी. राजेश ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि एक पूर्व मंत्री के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष समर्थन तथा माकपा कार्यकर्ताओं एवं आपराधिक गिरोहों की मदद से संगठित कचरा माफिया राजधानी में अवैध रूप से कचरा फेंक रहा है। मेयर ने आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य शहर को जानबूझकर प्रदूषित करना, बीमारियों के प्रसार की स्थिति पैदा करना और सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा नीत नगर निगम की छवि खराब करना है। उन्होंने माकपा से रात के अंधेरे में नदियों, नहरों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने का कथित संगठित अभियान तत्काल बंद करने को कहा।
श्री राजेश ने दावा किया कि अमायिझंचन नहर में अवैध रूप से केचरा फेंकने से रोकने वाले नगर निगम कर्मचारियों पर हमले के मामले में दूसरा आरोपी शमीर माकपा कार्यकर्ता है और उसके पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से करीबी संबंध हैं। उन्होंने मीडिया के सामने एक तस्वीर दिखाते हुए दावा किया कि उसमें शमीर माकपा के चाला क्षेत्र सचिव सुंदर के साथ दिखाई दे रहा है।
उन्होंने बताया कि शमीर को केरल-तमिलनाडु सीमा के पास कुलाथूर से उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह कथित रूप से तमिलनाडु भागने की कोशिश कर रहा था।
श्री राजेश के अनुसार, नगर निगम कर्मचारी सुरेश और राहुल को अमायिझंचन नहर में अवैध कचरा फेंकने की निगरानी के लिए तैनात किया गया था। आरोपियों को रोकने पर उन्होंने कथित रूप से कर्मचारियों की मोटरसाइकिल को वाहन से टक्कर मारी और उन्हें कुचलने की कोशिश की, जिसमें सुरेश घायल हो गया। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
श्री राजेश ने आरोप लगाया कि कचरा माफिया नगर निगम द्वारा अधिकृत एजेंसियों की कचरा संग्रह व्यवस्था को बाधित कर आपराधिक नेटवर्क के जरिए अवैध रूप से कचरा एकत्र करता है और भारी मुनाफे के लिए उसे नदियों, नहरों तथा सार्वजनिक स्थानों पर फेंक देता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जवाहर नगर में कचरे के ढेर से संबंधित हालिया अभियान माकपा के दुष्प्रचार का हिस्सा था। नगर निगम की जांच में कथित रूप से पाया गया कि पुरानी तस्वीरों को हाल की बताकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया था।
मेयर ने कहा कि अमायिझंचन नहर के किनारे लगी सुरक्षा बाड़ को भी अज्ञात लोगों ने काट दिया था, ताकि वहां अवैध रूप से कचरा फेंका जा सके। नगर निगम इसे बहाल करने और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने के लिए राज्य सिंचाई विभाग से बातचीत कर रहा है।
श्री राजेश ने कहा कि मौजूदा प्रशासन शहर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था को वैज्ञानिक और आधुनिक बनाने के लिए एक व्यापक योजना तैयार कर रहा है तथा अवैध रूप से कचरा फेंकने से रोकने के लिए निगरानी एवं विशेष प्रवर्तन उपाय मजबूत किये गये हैं। आवारा कुत्तों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि नगर निगम ने पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) कार्यक्रम तेज कर दिया है और प्रतिदिन करीब 15 से 20 आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी की जा रही है।







