बोस्टन: अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (फीफा) ने पैराग्वे के खिलाफ माइकल ओलिस को मिले पीले कार्ड को रद्द करने की फ्रांस के फुटबॉल महासंघ की अपील को खारिज कर दिया है।
फ्रांस फुटबॉल टीम के मुख्य कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फीफा से उनका अनुरोध खारिज कर दिया गया है, जिसका मतलब है कि अगर ओलिसे गुरुवार को बोस्टन में मोरक्को के खिलाफ क्वार्टरफाइनल मुकाबले में एक और पीला कार्ड हासिल करते हैं तो उन पर सेमीफाइनल से निलंबित होने का खतरा है ।
डेसचैम्प्स ने कहा, “ओलिसे को पीला कार्ड मिलने से कोई बदलाव नहीं हुआ। हमें आज सुबह ‘बुधवार’ फीफा से यह निर्णय प्राप्त हुआ है कि ओलिस का पीला कार्ड बरकरार रहेगा।”
डेसचैम्प्स अपने खिलाड़ियों को अंतिम आठ में मोरक्को का सामना करने के लिए तैयार करा रहे हैं। ऑरेलियन चोउमेनी पैराग्वे के खिलाफ 1-0 की जीत में ग्रोइन इंजरी के कारण नहीं खेल पाए थे, लेकिन रियल मैड्रिड के मिडफील्डर बुधवार को बाद में अभ्यास कर सकते हैं और संभवतः मोरक्को के खिलाफ मैच में वापसी कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि माटियास गलार्जा के साथ कहासुनी के बाद ओलिस को राउंड ऑफ 16 के मैच के दौरान येलो कार्ड दिखाया गया । पैराग्वे के मिडफील्डर गलार्जा अपना चेहरा पकड़कर ज़मीन पर गिर पड़े, हालांकि रीप्ले में ऐसा लग रहा था कि ओलिस ने सिर्फ अपनी कमीजी पकड़ी हुई थी।
फ्रांस के फुटबॉल महासंघ का मानना था कि उनके पास अपील करने के लिए पर्याप्त आधार थे, खासकर फीफा के उस चौंकाने वाले फैसले को देखते हुए जिसमें फोलारिन बालोगुन पर लगे एक मैच के प्रतिबंध को निलंबित कर दिया गया था और अमेरिकी फॉरवर्ड को बेल्जियम के खिलाफ खेलने की अनुमति दी गई थी ।







