
असम : असम विधानसभा चुनाव 2026 के ऐलान के साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए कांग्रेस और रायजोर दल ने आधिकारिक रूप से गठबंधन कर लिया है। जोरहाट में असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस साझेदारी को अंतिम रूप दिया गया। इस मौके पर रायजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई ने इसे राज्य की जनता के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया और मौजूदा सरकार को बदलने का आह्वान किया।
चुनाव नजदीक आते ही विपक्षी दलों की सक्रियता तेज हो गई है। गौरव गोगोई ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य एक व्यापक और मजबूत विपक्षी गठबंधन खड़ा करना है, ताकि सत्तारूढ़ दल को कड़ी चुनौती दी जा सके। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन में पहले से ही असम जातीय परिषद (AJP), सीपीएम, सीपीआई (एमएल) और एपीएचएलसी जैसे दल शामिल हैं, और अब रायजोर दल के जुड़ने से यह गठबंधन और मजबूत होगा।
गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ विपक्षी एकता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि राज्य की जनता एक संगठित विकल्प चाहती है। उन्होंने यह भी बताया कि गठबंधन को लेकर राज्य स्तर पर सहमति बन चुकी है और इसे अंतिम मंजूरी के लिए पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के पास भेजा गया है।
वहीं, दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने भी चुनावी तैयारियों को तेज करते हुए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है, 24 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 26 मार्च तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।
कुल मिलाकर, असम की सियासत में गठबंधन की यह नई बिसात चुनाव को और भी दिलचस्प और मुकाबले को कड़ा बनाने वाली है।






