बंगलूरू: C. P. Radhakrishnan का कर्नाटक दौरा कई अहम कार्यक्रमों के साथ शुरू हुआ, जहां उनके आगमन पर राज्य के गणमान्य नेताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। Thawar Chand Gehlot और राज्य के मंत्री Eshwar Khandre ने उपराष्ट्रपति का स्वागत करते हुए उनके दौरे को राज्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
अपने दौरे की शुरुआत में उपराष्ट्रपति बीदर जिले के भालकी स्थित श्री चन्नाबसवाश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने आचार्य डॉ. बसवलिंग पट्टदेवरु महास्वामीजी के अमृत महोत्सव समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने समाज में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की भूमिका पर जोर दिया और संत परंपरा के योगदान को सराहा।
इसके बाद उपराष्ट्रपति कलबुर्गी पहुंचे, जहां उन्होंने Central University of Karnataka के 10वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। समारोह में उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन और नवाचार के महत्व को समझाया। उन्होंने युवाओं से देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज के कल्याण के लिए करने का आह्वान किया।
उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि छात्रों में नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करनी चाहिए।
यह दौरा कर्नाटक में शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है। विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए उपराष्ट्रपति ने न केवल छात्रों और शिक्षकों से संवाद किया, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को भी प्रेरित करने का प्रयास किया।







