बिश्केक: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में सोमवार से 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन में भारत की रणनीतिक प्राथमिकताओं और क्षेत्रीय हितों को प्रमुखता से रखेंगे। इस दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठक तय है, जबकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ संभावित मुलाकात को लेकर भी कूटनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है।
उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी रविवार को बिश्केक पहुंचे। हवाई अड्डे पर किर्गिज गणराज्य के कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन आदिलबेक कासिमालिएव ने उनका स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी ने पारंपरिक किर्गिज सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ उनका स्वागत किया।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि SCO सम्मेलन के दौरान वह कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। उन्होंने बिश्केक पहुंचने पर भारतीय समुदाय द्वारा किए गए स्वागत को भी यादगार बताया।
पुतिन से मुलाकात में रक्षा-ऊर्जा पर चर्चा संभव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बैठक को सम्मेलन के अहम कूटनीतिक कार्यक्रमों में माना जा रहा है। दोनों नेता भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के साथ रक्षा, व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा कर सकते हैं। इसके अलावा मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत होने की संभावना है।
शी जिनपिंग से संभावित बैठक पर टिकी नजर
SCO Summit के दौरान पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित मुलाकात भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि दोनों नेताओं के बीच बैठक होती है, तो यह भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम संकेत हो सकता है। दोनों पक्ष सीमा विवाद, वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की स्थिति और द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयासों पर चर्चा कर सकते हैं।
ईरान और यूक्रेन के संघर्ष सहित कई वैश्विक मुद्दे भी बातचीत के संभावित एजेंडे में शामिल हो सकते हैं।
अजीत डोभाल की चीन यात्रा के बाद बढ़ा महत्व
SCO Summit ऐसे समय आयोजित हो रहा है जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की चीन यात्रा के बाद भारत-चीन कूटनीतिक गतिविधियों पर नजर बनी हुई है। वहीं भारत और रूस के बीच उच्चस्तरीय संपर्क भी लगातार जारी है। ऐसे में बिश्केक सम्मेलन भारत के लिए दोनों प्रमुख शक्तियों के साथ रणनीतिक संवाद का अहम अवसर बन गया है।
उज्बेकिस्तान के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी
बिश्केक पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा की। इस दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। भारत और उज्बेकिस्तान ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भी तय किया।
SCO के 25 साल पूरे, अब 10 पूर्ण सदस्य
शंघाई सहयोग संगठन इस वर्ष अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है। वर्ष 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने मिलकर संगठन की स्थापना की थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने, जबकि ईरान 2023 और बेलारूस 2024 में संगठन में शामिल हुए। वर्तमान में SCO में कुल 10 पूर्ण सदस्य देश हैं।







