वाराणसी: वाराणसी में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार को गंगा का जलस्तर 69.90 मीटर दर्ज किया गया और नदी का पानी करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
गंगा का पानी बढ़ने के कारण शहर के कई प्रमुख घाटों का संपर्क प्रभावित हुआ है। मणिकर्णिका, अस्सी और हरिश्चंद्र घाट से पानी अब आसपास की गलियों की ओर बढ़ने लगा है। वहीं, दशाश्वमेध घाट स्थित जल पुलिस चौकी तक भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
हरिश्चंद्र घाट पर गली में हो रहा अंतिम संस्कार
हरिश्चंद्र घाट पर पानी भर जाने के कारण शवदाह का काम प्रभावित हुआ है। यहां अब गली में अंतिम संस्कार किया जा रहा है। घाटों के किनारे स्थित कई मंदिर भी पानी में डूब गए हैं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर बताया जाता है कि बाढ़ के मौसम में घाटों पर इस तरह की स्थिति अक्सर देखने को मिलती है।
वरुणा नदी किनारे भी बढ़ी परेशानी
गंगा के साथ-साथ वरुणा नदी के किनारे बसे इलाकों में भी पानी घरों तक पहुंचने लगा है। जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है।
61 राहत शिविर और 198 नावें तैनात
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने 61 राहत शिविर, 21 बाढ़ चौकियां और 198 नावें तैनात की हैं। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक गंगा का चेतावनी स्तर 70.262 मीटर और खतरे का स्तर 71.262 मीटर है। वहीं, नदी का उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 73.901 मीटर दर्ज किया गया है। मौजूदा जलस्तर चेतावनी स्तर से करीब 36 सेंटीमीटर नीचे है।
जलस्तर में जारी वृद्धि को देखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त समेत प्रशासनिक अधिकारी तटवर्ती इलाकों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। लोगों से भी सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।







