Sasaram Bypass: Sasaram will soon get relief from traffic jams, the bypass project worth Rs 122 crore is in its final stages.

सासाराम (रोहतास): सासाराम शहर में जाम की समस्या से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। शहर के बेदा से मोकर सिंचाई नहर बांध तक बन रहा सासाराम सॉल्यूशन बाइपास निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच गया है। करीब 122.39 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस सड़क के चालू होने के बाद पुरानी जीटी रोड पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है।

करीब 9 से 9.2 किलोमीटर लंबी इस बाइपास परियोजना में टू-लेन सड़क के साथ छोटे पुल-पुलिया और रेलवे लाइन के ऊपर रेल ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण भी किया गया है। सड़क के दोनों ओर मिट्टी के शोल्डर तैयार किए जा रहे हैं, ताकि वाहनों की आवाजाही सुगम हो सके।

GNSU Admission Open 2026

शहर में कम होगा भारी वाहनों का दबाव

बाइपास के शुरू होने के बाद आरा, बक्सर और आसपास के इलाकों की ओर जाने वाले कई वाहन सासाराम शहर के अंदर प्रवेश किए बिना सीधे बाइपास से निकल सकेंगे। इससे पुरानी जीटी रोड और शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों का दबाव कम होने की संभावना है।

वर्तमान में भारी वाहनों की आवाजाही के कारण शहर के कई हिस्सों में अक्सर जाम की स्थिति बनती है। बाइपास के चालू होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूसरे जिलों से आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

सितंबर में उद्घाटन की उम्मीद

फिलहाल सड़क से जुड़े अंतिम निर्माण कार्य और अन्य जरूरी तैयारियां चल रही हैं। परियोजना से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सितंबर 2026 में बाइपास के उद्घाटन की उम्मीद जताई जा रही है।

करीब 122 करोड़ रुपये की यह परियोजना सासाराम के यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। बाइपास शुरू होने के बाद शहर में जाम कम होने के साथ लोगों के आवागमन का समय भी घटने की उम्मीद है।