नयी दिल्ली:पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने अपने शीर्ष रक्षा अधिकारी Elbridge Colby को भारत भेजा है, जिससे इस दौरे की अहमियत काफी बढ़ गई है। कोल्बी अमेरिकी युद्ध विभाग में अंडर सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं और उन्हें Donald Trump प्रशासन की रक्षा नीति का प्रमुख चेहरा माना जाता है। उनकी यह भारत यात्रा पहले से तय थी, लेकिन ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण अब इसे रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने पहले ही इस दौरे की जानकारी साझा करते हुए कोल्बी के स्वागत की बात कही थी। अपनी यात्रा के दौरान कोल्बी भारतीय रक्षा और रणनीतिक मामलों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे। इन बैठकों में क्षेत्रीय सुरक्षा, इंडो-पैसिफिक रणनीति और पश्चिम एशिया की स्थिति जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर भारत सहित कई एशियाई देशों पर पड़ रहा है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से भारत की ऊर्जा जरूरतों पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता और भी बढ़ गई है।
गौरतलब है कि हाल के समय में अमेरिका के इंडो-पैसिफिक कमांडर एडमिरल सैमुअल पैपारो और स्पेस कमांड प्रमुख जनरल स्टीफन वाइटिंग भी भारत का दौरा कर चुके हैं। इससे साफ है कि अमेरिका भारत के साथ अपने रक्षा और कूटनीतिक संबंधों को और गहरा करने की दिशा में सक्रिय है।हालांकि, Donald Trump के दूसरे कार्यकाल में दोनों देशों के संबंधों में कुछ तनाव भी देखा गया था, लेकिन हालिया व्यापार समझौते और टैरिफ में कमी के बाद रिश्तों में सुधार के संकेत मिले हैं। अब कोल्बी की यात्रा को दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







