मुंबई। विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच घरेलू शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 800 अंक तक टूट गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया।
सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ 72,668 अंक के स्तर पर खुला, लेकिन कारोबार शुरू होते ही लाल निशान में चला गया। कुछ ही समय में इसमें तेज गिरावट दर्ज की गई और यह एक समय करीब 785 अंक तक टूट गया। बाद में सेंसेक्स 677.63 अंक यानी 0.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,961.07 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
निफ्टी-50 भी चार अंक की मामूली गिरावट के साथ 22,599.05 अंक पर खुला। इसके बाद बिकवाली बढ़ने से सूचकांक 247.35 अंक यानी 1.09 प्रतिशत गिरकर 22,355.70 अंक के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार में गिरावट का असर व्यापक स्तर पर भी दिखाई दिया। एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में कमजोरी के बीच घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ा। कच्चे तेल की कीमतों में दो प्रतिशत से अधिक की तेजी ने भी निवेशकों की धारणा प्रभावित की। तेल की कीमतों में वृद्धि से महंगाई और कंपनियों की लागत को लेकर बाजार में चिंता बढ़ सकती है।
क्षेत्रवार कारोबार में आईटी क्षेत्र को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख समूहों में बिकवाली रही। आईटी सूचकांक में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जबकि धातु क्षेत्र का सूचकांक करीब तीन प्रतिशत नीचे रहा। तेल एवं गैस क्षेत्र में भी दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। ऑटो, एफएमसीजी, फार्मा, रियल्टी और स्वास्थ्य क्षेत्र के सूचकांकों में एक से दो प्रतिशत तक की कमजोरी रही।
सेंसेक्स में शामिल प्रमुख कंपनियों में आईटीसी का शेयर करीब पौने चार प्रतिशत और अडानी पोर्ट्स लगभग साढ़े तीन प्रतिशत गिरा। इंडिगो में करीब तीन प्रतिशत की गिरावट रही। पावरग्रिड और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर लगभग ढाई प्रतिशत नीचे रहे।
वहीं टेक महिंद्रा, टाइटन, टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयरों में करीब एक प्रतिशत की तेजी रही। बाजार में निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा पर बनी हुई है।







