पटना/बाढ़: बेढ़ना गांव के पोथमा टोले में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे के बाद माहौल गमगीन हो गया। पांच साल की बच्ची की सर्पदंश से मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बच्ची का शव सड़क पर रखकर NH-30A को जाम कर दिया। ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्था और कथित लापरवाही को लेकर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
बताया जा रहा है कि बच्ची रोज की तरह गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र गई थी। इसी दौरान केंद्र परिसर में ही उसे जहरीले सांप ने डस लिया। सर्पदंश के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद बच्ची को तत्काल अस्पताल पहुंचाने और प्राथमिक उपचार दिलाने के बजाय उसे घर भेज दिया गया। हालांकि, आंगनबाड़ी कर्मियों पर लगाए गए इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
झाड़-फूंक के बाद अस्पताल ले गए परिजन
बच्ची की हालत बिगड़ने के बाद परिजन उसे लेकर बड़हिया पहुंचे। आसपास के लोगों की सलाह पर पहले झाड़-फूंक भी कराई गई। परिजनों के अनुसार, वहां मौजूद पुजारी ने बच्ची को मृत बताया। इसके बाद परिजन बच्ची को बड़हिया के एक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने भी उसे मृत घोषित कर दिया।
मासूम की मौत की खबर गांव में फैलते ही लोगों में आक्रोश बढ़ गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर जुट गए और बच्ची का शव NH-30A पर रखकर आवागमन बाधित कर दिया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच, कथित तौर पर लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।
पुलिस-प्रशासन ने संभाला मोर्चा
सड़क जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने और जाम समाप्त कराने का प्रयास किया। प्रशासन ने मामले की जांच का भरोसा दिया है।
फिलहाल बच्ची की मौत के वास्तविक कारण और आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़े लापरवाही के आरोपों की जांच की जा रही है। अधिकारियों की जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी। घटना ने ग्रामीण इलाकों में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की सुरक्षा और आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।







