वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) के स्थायी परिसर के निर्माण की प्रक्रिया इसी महीने शुरू होने की संभावना है। शहंशाहपुर में करीब 50 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित इस परिसर के भूमि पूजन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, यदि अमित शाह का वाराणसी दौरा संभव नहीं हो पाता है, तो वह वर्चुअल माध्यम से भूमि पूजन और अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि, कार्यक्रम को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
जाल्हूपुर में शुरू हो चुका है पहला सत्र
फॉरेंसिक शिक्षा और अपराध की वैज्ञानिक जांच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जाल्हूपुर में गुजरात स्थित राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के ट्रांजिट परिसर की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। यहां विश्वविद्यालय के पहले सत्र की कक्षाएं भी शुरू हो गई हैं। अब शहंशाहपुर में स्थायी परिसर विकसित करने की तैयारी है।
आधुनिक फॉरेंसिक लैब से जांच को मिलेगी मजबूती
प्रस्तावित स्थायी परिसर में अत्याधुनिक फॉरेंसिक प्रयोगशालाएं स्थापित करने की योजना है। इससे अपराध से जुड़े साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच स्थानीय स्तर पर करने में मदद मिलेगी। वर्तमान में कई मामलों में साक्ष्यों को जांच के लिए दूसरे स्थानों पर भेजना पड़ता है।
स्थायी परिसर में आधुनिक प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध होने से जांच प्रक्रिया में तेजी आने के साथ पुलिस की विवेचना को भी वैज्ञानिक आधार मिलने की उम्मीद है।
युवाओं के लिए बढ़ेंगे शिक्षा के अवसर
विश्वविद्यालय में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के अलावा फॉरेंसिक विज्ञान से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। स्थायी परिसर के शुरू होने से पूर्वांचल सहित देश के अन्य राज्यों के युवाओं को फॉरेंसिक विज्ञान, अपराध जांच और संबंधित क्षेत्रों में उच्च शिक्षा एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण के नए अवसर मिल सकेंगे।







