काठमांडू: नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 11,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि करीब 22,000 सुरक्षाकर्मी लापता लोगों की तलाश और राहत कार्यों में जुटे हैं।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के प्रवक्ता शांति महत ने बताया कि बचाव अभियान को तेज करने के लिए 16 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। नेपाल सेना समेत सुरक्षा बलों की टीमें बाढ़ से प्रभावित अलग-अलग इलाकों में खोज एवं बचाव अभियान चला रही हैं।
939 लोगों की मौत, करीब 4 हजार लापता
अधिकारियों के सोमवार तक के आंकड़ों के अनुसार, प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या 939 तक पहुंच गई है। वहीं, करीब 4,000 लोग अभी भी लापता हैं। बचाव दल लगातार उन इलाकों में अभियान चला रहे हैं जहां बाढ़ और भूस्खलन के कारण संपर्क प्रभावित हुआ है।
अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना के विभिन्न स्थानों से अब तक 254 मजदूरों और तकनीशियनों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। लापता लोगों की तलाश में भारत और चीन के सुरंग विशेषज्ञ भी बचाव टीमों के साथ सहयोग कर रहे हैं।
927 शव सुरक्षित, बड़ी संख्या में पहचान बाकी
ताजा आंकड़ों के अनुसार 927 शवों को सुरक्षित रखा गया है। इनमें से 51 शवों की पहचान होने के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं, 726 शवों की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 413 अज्ञात शवों का अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रबंधन या अंतिम संस्कार किया जा चुका है। बाढ़ के कारण घर छोड़ने को मजबूर हुए 2,970 लोगों के लिए विभिन्न अस्थायी राहत केंद्रों में रहने की व्यवस्था की गई है।
बिष्णुमती नदी के किनारे रहने वालों को अलर्ट
बाढ़ के बीच एनडीआरआरएमए ने बिष्णुमती नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी चेतावनी जारी की है। प्राधिकरण के अनुसार, गोंगाबू क्षेत्र के पास नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है। राहत एजेंसियां प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ भोजन, आश्रय और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराने में जुटी हैं।







