
नाहन: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में हरिपुरधार अस्पताल को लेकर भाजपा ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को सिविल अस्पताल में अपग्रेड करने के बावजूद डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और जरूरी सुविधाओं के लिए पर्याप्त पद स्वीकृत नहीं किए गए हैं। सिरमौर जिला भाजपा प्रवक्ता मेला राम शर्मा, राज्य युवा मोर्चा सचिव प्रताप रावत और पंचायत प्रधान दिवाली खडान ने कहा कि केवल अस्पताल का दर्जा बढ़ाने से क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलेंगी। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की पर्याप्त तैनाती के बिना अस्पताल कैसे प्रभावी ढंग से संचालित होगा।
भाजपा नेताओं ने दावा किया कि पूर्व भाजपा सरकार ने वर्ष 2021 में हरिपुरधार सीएचसी को सिविल अस्पताल में अपग्रेड करने के साथ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के पद स्वीकृत किए थे। उनके अनुसार, इसके बाद अस्पताल में चिकित्सा कर्मियों ने सेवाएं भी शुरू कर दी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद अस्पताल का दर्जा दोबारा सीएचसी कर दिया गया। भाजपा नेताओं ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा और दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान गई।
भाजपा ने सरकार से हरिपुरधार अस्पताल के लिए आवश्यक चिकित्सा पदों को जल्द स्वीकृत करने और पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने की मांग की। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार पुराने फैसले को बहाल करने का राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश कर रही है और चेतावनी दी कि जनता को गुमराह करने का यह रवैया आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए नुकसानदेह हो सकता है।






