भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में दवाइयों के बड़े भंडारण और कथित अवैध कारोबार से जुड़े मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी हिमांशु अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। बयाना थाना क्षेत्र के खटनावाली गांव में एक सूखे कुएं से नामचीन कंपनियों की करीब पांच करोड़ रुपये कीमत की दवाइयां बरामद होने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई गई थी।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी हिमांशु अग्रवाल आगरा के मलपुरा क्षेत्र में दवाइयों का बड़ा थोक विक्रेता है। औषधि नियंत्रक विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में नकली दवाइयों के खिलाफ कार्रवाई तेज होने के बाद बड़ी मात्रा में दवाइयों को राजस्थान में छिपाए जाने की आशंका सामने आई है।
जांच के दौरान भरतपुर के खटनावाली गांव स्थित सूखे कुएं से दवाइयों की 274 पेटियां बरामद की गई थीं। इनकी अनुमानित कीमत करीब पांच करोड़ रुपये बताई गई। बरामद दवाइयों की जानकारी भरतपुर औषधि विभाग ने उत्तर प्रदेश के औषधि नियंत्रक विभाग, आगरा के औषधि निरीक्षक और संबंधित निर्माता कंपनियों के साथ साझा की।
इसके बाद उत्तर प्रदेश औषधि विभाग ने आगरा के मलपुरा क्षेत्र में एक बाड़े पर कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में दवाइयों का भंडार बरामद किया। जांच में आरोपी के पास दवाइयों के भंडारण, खरीद और बिक्री से संबंधित आवश्यक लाइसेंस नहीं मिलने की बात सामने आई है।
मामले की जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए सलुआ उर्फ मुकीम के मोबाइल फोन से कुछ वीडियो भी मिलने की जानकारी सामने आई है। इनमें एक वीडियो में नदी किनारे दवाइयों पर डीजल डालकर उन्हें जलाते हुए दिखाए जाने की बात कही गई है। यह वीडियो 27 सितंबर की रात का बताया गया है। पुलिस और संबंधित विभाग इस सामग्री की जांच कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक थोक विक्रेता हिमांशु अग्रवाल के अलावा इकरार, शामिन, सलुआ और आशीष को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां बरामद दवाइयों के स्रोत, उनके भंडारण और आपूर्ति से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।







