पायलट बाबा धाम में ‘जीविका के 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम
'20 Remarkable Years of Jeevika' event at Pilot Baba Dham

सासाराम। पायलट बाबा धाम में ‘जीविका के 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी शामिल हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में जीविका दीदियां और महिलाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का केंद्र जीविका के दो दशक के सफर और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की भूमिका रही। बिहार के विभिन्न जिलों में जीविका के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री अशोक चौधरी ने जीविका के माध्यम से महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि जीविका के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम किया गया है। कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी को भी प्रमुखता दी गई।

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जीविका की शुरुआत वर्ष 2006 में बिहार में महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को संगठित करने के उद्देश्य से हुई थी। पिछले दो दशकों में यह पहल महिला समूहों, आजीविका और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े कार्यक्रमों का एक प्रमुख माध्यम बनी है। जदयू की ओर से जारी कार्यक्रम संबंधी जानकारी में भी जीविका के 20 वर्ष के सफर और महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण को आयोजन का प्रमुख विषय बताया गया है।

पायलट बाबा धाम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जीविका दीदियों की ओर से अपनी विभिन्न मांगें भी रखे जाने का मुद्दा सामने आया। पत्रकारों ने मंत्री से इन मांगों को लेकर सवाल किया। अब इन मांगों पर सरकार की ओर से क्या पहल की जाती है, इस पर भी नजर रहेगी।

कार्यक्रम में महिलाओं की बड़ी मौजूदगी के बीच जीविका के जरिए हुए बदलाव, स्वयं सहायता समूहों की भूमिका और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी पर चर्चा हुई। आयोजन का उद्देश्य जीविका से जुड़ी महिलाओं के अनुभवों और दो दशक के सफर को सामने लाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री अशोक चौधरी ने जीविका से जुड़ी महिलाओं के योगदान को रेखांकित किया। वहीं, जीविका दीदियों की मांगों को लेकर आगे होने वाली सरकारी कार्रवाई पर भी लोगों की नजर बनी हुई है।