
नयी दिल्ली: उद्योगपति रॉबर्ट वाड्रा ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी बिगड़ती तबीयत के बीच आंदोलन स्थल से हटाकर अस्पताल ले जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
श्री वाड्रा ने बयान जारी कर कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जाता, बल्कि संवाद और संवेदनशीलता के साथ सुना जाता है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि सरकार को सोनम वांगचुक की मांगों पर गंभीरता और सकारात्मक दृष्टिकोण से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक का जीवन और स्वास्थ्य किसी भी राजनीतिक मतभेद से अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि श्री वांगचुक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था की कमियों, पर्यावरण संरक्षण और देश के युवाओं के बेहतर भविष्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते रहे हैं। ऐसे विषयों पर टकराव नहीं, बल्कि सार्थक संवाद ही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति है।
श्री वाड्रा ने उम्मीद जताई कि इस मामले का जल्द ही सम्मानजनक, शांतिपूर्ण और न्यायसंगत समाधान निकलेगा। उल्लेखनीय है कि श्री वांगचुक पिछले 20 दिनों से अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे थे। दिल्ली पुलिस ने आज उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है।






