वॉशिंगटन: अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कनाडा से आने वाले डेयरी उत्पादों, ज्यादातर शराब और मोटरसाइकिलों पर रोक लगाने की घोषणा की है। यह प्रतिबंध करीब तीन सप्ताह में लागू होने की बात कही गई है।
इससे पहले कनाडा ने अमेरिका से आयात होने वाले करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर जवाबी टैरिफ लगाए। इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडाई उत्पादों को अमेरिकी सरकार के बड़े और दीर्घकालिक कॉन्ट्रैक्ट्स से बाहर करने का निर्देश दिया है।
ट्रंप ने अमेरिकी जनरल सर्विसेज एडमिनिस्ट्रेशन (GSA) को निर्देश दिया है कि कनाडा के उत्पादों को सरकारी खरीद के लिए अयोग्य घोषित किया जाए। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा, जब तक कनाडा अमेरिकी उत्पादों को ‘पूरी और निष्पक्ष बराबरी’ के साथ अपने बाजार में प्रवेश की अनुमति नहीं देता।
कनाडा ने भी बढ़ाया दबाव
कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि उनका देश अब अमेरिका पर अपनी आर्थिक निर्भरता कम करने और ज्यादा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कनाडा ऐसी स्थिति नहीं चाहता, जहां कोई दूसरा देश उसे आर्थिक रूप से बंधक बना सके।
कनाडा ने जवाबी कार्रवाई के तहत स्टील, एल्युमीनियम, चीज, उपकरण, कपड़े, कॉस्मेटिक्स और कृषि उपकरण समेत कई अमेरिकी उत्पादों पर 15, 25 और 50 प्रतिशत तक के टैरिफ लगाए हैं। इनका कुल मूल्य करीब 20 अरब अमेरिकी डॉलर बताया गया है।
EU से रिश्ते मजबूत करने की तैयारी
अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच कनाडा यूरोपीय संघ (EU) के साथ अपने संबंधों को और गहरा करने के विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। इनमें मौजूदा समझौतों का विस्तार, नई संधि और व्यापक आर्थिक सहयोग जैसे विकल्प शामिल हैं।
कार्नी अगले सप्ताह फ्रांस के स्ट्रासबर्ग जाएंगे, जहां वह 16 सितंबर को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के ‘स्टेट ऑफ द यूरोपियन यूनियन’ संबोधन में शामिल होंगे। इसके अगले दिन वह यूरोपीय संसद को संबोधित करेंगे।
अमेरिका पर निर्भरता घटाना चुनौती
कनाडा के कुल निर्यात का 70 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अमेरिका को जाता है, ऐसे में व्यापारिक निर्भरता कम करना कार्नी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। हालांकि, कार्नी का कहना है कि मौजूदा संकट कनाडा को नए बाजार तलाशने, निवेश बढ़ाने और व्यापार में विविधता लाने का अवसर भी दे सकता है।
अमेरिका और कनाडा की अर्थव्यवस्थाएं लंबे समय से एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी रही हैं और दोनों देशों के रक्षा एवं सुरक्षा संबंध भी मजबूत हैं। ऐसे में मौजूदा ट्रेड वॉर को दोनों देशों के रिश्तों में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।








