जिनेवा: अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुए हमलों को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने चिंता जताई है। उन्होंने इसे एक टाला जा सकने वाला संकट बताते हुए कहा कि इसके भू-राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव व्यापक हो सकते हैं।
मानवाधिकार परिषद के 63वें सत्र को संबोधित करते हुए तुर्क ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा शुरू हुई सैन्य कार्रवाई का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र पर पड़ रहा है। उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता व्यक्त की।
गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के विभिन्न ठिकानों पर हमले शुरू किए थे। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की थी। जून के मध्य में दोनों पक्षों ने शत्रुता समाप्त करने के उद्देश्य से एक समझौता किया था, लेकिन इसके कुछ समय बाद तनाव फिर बढ़ गया।
पिछले सप्ताह अमेरिकी केंद्रीय कमान ने दावा किया था कि उसकी सेनाओं ने खार्ग द्वीप के पास, जास्क तट से दूर और ओमान की खाड़ी में तीन ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया ने कम से कम एक टैंकर के हमले की चपेट में आने की जानकारी दी थी।
इसके बाद ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका से संबद्ध तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और एक विध्वंसक पोत पर भी हमले की जानकारी सामने आई है।
वोल्कर तुर्क की चिंता ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका-ईरान तनाव का असर खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।








