नयी दिल्ली: कर्नाटक सरकार ने प्रोफेशनल कोर्सों में ग्रामीण छात्रों की शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के लिए सरकारी सीटों में 15 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव रखा है। प्रस्तावित नियमों के तहत यह आरक्षण दो हिस्सों में बांटा जाएगा।
इसके अनुसार, 7.5 प्रतिशत सीटें उन ग्रामीण छात्रों के लिए होंगी, जिन्होंने कक्षा 1 से 10 तक ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की है। वहीं, बाकी 7.5 प्रतिशत सीटें ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित किसी भी स्कूल से पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए प्रस्तावित हैं, चाहे वह सरकारी हो या निजी।
उच्च शिक्षा विभाग ने इन नियमों का मसौदा 5 सितंबर को अधिसूचित किया था और 8 सितंबर को इसे सार्वजनिक किया गया। सरकार ने प्रस्ताव पर संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी हैं।
प्रस्ताव का उद्देश्य ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को प्रोफेशनल शिक्षा के अवसरों में बेहतर प्रतिनिधित्व देना है। नियमों के अंतिम रूप और लागू होने से पहले निर्धारित प्रक्रिया पूरी की जाएगी।








