दरभंगा: दरभंगा जिला परिषद की राजनीति में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ, जब जिला परिषद अध्यक्ष सीता देवी की कुर्सी चली गई। उनके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया, जिसके बाद उन्हें अपने पद से हटना पड़ा। जिप अध्यक्ष सीता देवी के विरोध में कुल 26 पार्षदों ने मतदान किया। 47 सदस्यों वाली जिला परिषद में 21 सदस्य मतदान के समय अनुपस्थित रहे, जिसकी चर्चा पूरे दिन होती रही। बता दें कि इससे पहले 15 जनवरी 2024 को भी अविश्वास प्रस्ताव के बाद ही सीता देवी जिप की अध्यक्ष बनी थीं। जिप अध्यक्ष के खिलाफ जिला पार्षदों के एक गुट ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था।
इस प्रस्ताव को लेकर गुरुवार को समाहरणालय सभागार में प्रभारी डीएम सह जिला अल्पसंख्यक पदाधिकारी सलीम अख्तर की मौजूदगी में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराया गया। बैठक में उपस्थित 26 सदस्यों ने एकमत होकर प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। कुल 47 सदस्यों वाली परिषद में 26 सदस्य बैठक में शामिल हुए और सभी ने अध्यक्ष के खिलाफ वोट दिया। इस अहम बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष सीता देवी, उपाध्यक्ष अरुणा झा, पूर्व उपाध्यक्ष ललिता झा समेत 21 सदस्य अनुपस्थित रहे। उनकी अनुपस्थिति भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी रही।
प्रभारी डीएम ने मतगणना के बाद अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की घोषणा की और बताया कि अब नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग को सूचना भेजी जाएगी, जिसके बाद चुनाव की तिथि तय होगी। गौरतलब है कि 12 जनवरी 2024 को भी जिला परिषद में अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ था। इसके बाद 15 मार्च 2024 को हुए चुनाव में सीता देवी अध्यक्ष बनी थीं, जबकि 21 अगस्त 2024 को अरुणा झा उपाध्यक्ष निर्विरोध चुनी गई थीं। दिलचस्प बात यह है कि जिन सदस्यों ने पहले सीता देवी को अध्यक्ष बनाने में भूमिका निभाई थी, वही अब उनके विरोध में खड़े नजर आए। इस पूरे घटनाक्रम को जिले की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।







