पटना। बांका से जेडीयू सांसद गिरधारी यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के बीच उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द करने की मांग तेज हो गई है। जेडीयू की ओर से लोकसभा अध्यक्ष को औपचारिक पत्र लिखकर गिरधारी यादव को अयोग्य घोषित करने की अपील की गई है। जेडीयू संसदीय दल के नेता ने स्पीकर को दिए गए नोटिस में आरोप लगाया है कि गिरधारी यादव लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं और कई मामलों में पार्टी लाइन के खिलाफ काम किया है। पार्टी ने इस संबंध में सबूत के तौर पर दस्तावेज भी सौंपे हैं।
विवाद की सबसे बड़ी वजह बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान सामने आई, जब गिरधारी यादव के बेटे ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के टिकट पर चुनाव लड़ा। आरोप है कि इस दौरान सांसद ने खुलकर अपने बेटे के पक्ष में प्रचार किया, जिसे जेडीयू ने अनुशासनहीनता माना। इसके अलावा, गिरधारी यादव ने एसआईआर (SIR) मुद्दे पर भी पार्टी के आधिकारिक रुख से अलग बयान दिया था, जिससे पार्टी नेतृत्व नाराज हो गया।
यही कारण है कि जेडीयू के एक बड़े वर्ग में उनके खिलाफ नाराजगी लगातार बढ़ती रही। कहा ये भी जा रहा है कि पहले उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया गया था, लेकिन अब मामला आगे बढ़ते हुए उनकी सदस्यता खत्म करने की मांग तक पहुंच गया है। इस घटनाक्रम से बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है और अब सबकी नजर लोकसभा स्पीकर के फैसले पर टिकी है।







