रांची। वियतनाम में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले रांची निवासी राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर भारत लाया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग तथा राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के साथ समन्वय कर उनके पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने की प्रक्रिया पूरी कराई।
राजा कुमार वर्मा रांची के कैलाश नगर के रहने वाले थे और वियतनाम में योग प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत थे। वहां सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद उनके परिजनों ने राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर पार्थिव शरीर को भारत लाने में सहायता की अपील की थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। इसके तहत भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, हनोई स्थित भारतीय दूतावास और संबंधित वियतनामी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क स्थापित किया गया। आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कराने के बाद पार्थिव शरीर को वियतनाम की राजधानी हनोई से विमान के जरिए कोलकाता हवाई अड्डे लाया गया।
कोलकाता हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद परिजनों ने आवश्यक दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद रांची जिला प्रशासन की ओर से पार्थिव शरीर को उनके पैतृक आवास तक पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई। इस तरह विदेश में हुई दुखद घटना के बाद परिवार को पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए अपने गृह नगर लाने में प्रशासनिक सहायता मिली।
राज्य सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देश पर श्रम विभाग द्वारा मृतक के आश्रित को मुख्यमंत्री झारखंड अंतरराष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना के तहत पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार की ओर से विदेश में काम कर रहे झारखंड के प्रवासी श्रमिकों से जुड़े मामलों में सहायता और समन्वय के लिए राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के माध्यम से कार्रवाई की जाती है।
राजा कुमार वर्मा के निधन से उनके परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है। प्रशासनिक स्तर पर पार्थिव शरीर को सुरक्षित रूप से रांची स्थित पैतृक आवास तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।







