अंकारा। तुर्की और फ्रांस ने दोनों नाटो सहयोगी देशों के बीच रक्षा संबंधों और रणनीतिक संवाद को मजबूत करने के उद्देश्य से एक ‘रक्षा सहयोग रोडमैप’ पर हस्ताक्षर किए हैं। समझौते का लक्ष्य दोनों देशों के बीच नियमित और परिणाम-आधारित सैन्य एवं रणनीतिक संपर्क को बढ़ावा देना है।
तुर्की के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह रोडमैप दोनों देशों के नेतृत्व के बीच हालिया कूटनीतिक संपर्कों को रक्षा क्षेत्र में ठोस सहयोग में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। समझौते के तहत रक्षा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर नियमित संवाद तथा मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा जारी रखने की व्यवस्था की जाएगी।
रोडमैप पर हस्ताक्षर उच्चस्तरीय तुर्की-फ्रांस वार्ता के बाद किए गए। बातचीत में तुर्की के रक्षा और सुरक्षा महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल इल्के अल्तिंडाग तथा फ्रांस की ओर से सशस्त्र बल मंत्री एलिस रुफो, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के सैन्य चीफ ऑफ स्टाफ जनरल विंसेंट गिराउड और रक्षा मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं रणनीति महानिदेशक गुइयॉम ओलाग्नियर शामिल रहे।
तुर्की के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वार्ता के दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय रक्षा और सैन्य संबंधों, रणनीतिक संवाद तथा मौजूदा सहयोग को विस्तार देने की संभावनाओं पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने नियमित और परिणामोन्मुख संपर्क बनाए रखने के महत्व पर भी जोर दिया।
यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब अंकारा और पेरिस के बीच रक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा चल रही है। इनमें तुर्की की ओर से फ्रांस और इटली द्वारा विकसित एसएएमपी/टी वायु रक्षा प्रणाली तथा मेट्योर मिसाइलों की संभावित खरीद भी शामिल बताई जा रही है। हालांकि, तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट नहीं किया है कि नए रोडमैप में किसी विशेष हथियार प्रणाली की खरीद या रक्षा अनुबंध शामिल हैं या नहीं।
तुर्की के रक्षा मंत्री यासर गुलेर ने पहले कहा था कि अंकारा अपनी वायु रक्षा जरूरतों के लिए विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन कर रहा है। इनमें अमेरिकी पैट्रियट और एसएएमपी/टी प्रणालियां शामिल हैं। उन्होंने तकनीकी हस्तांतरण और संयुक्त उत्पादन से जुड़े संभावित समझौतों में तुर्की की रुचि का भी उल्लेख किया था।
नए रोडमैप के जरिए दोनों देश रक्षा और रणनीतिक क्षेत्र में संपर्क को अधिक नियमित और संस्थागत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।






