जम्मू में 7 अक्टूबर को INDIA गठबंधन का लोकतंत्र बचाओ मार्च
INDIA alliance's 'Save Democracy' march in Jammu on October 7

जम्मू। कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां), पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और नेशनल पैंथर्स पार्टी इंडिया (एनपीपीआई) ने जम्मू में संयुक्त रूप से ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकालने की घोषणा की है। यह मार्च विपक्षी INDIA गठबंधन के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत आयोजित किया जाएगा। गठबंधन नेताओं ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों में भी इसी अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में नेताओं ने कहा कि जम्मू में प्रस्तावित मार्च के जरिए चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को उठाया जाएगा। गठबंधन नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी दोहराई। उनका कहना है कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए चुनावी व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। ये आरोप विपक्षी दलों के हैं और चुनाव आयोग की ओर से इन दावों पर अलग-अलग जवाब दिए गए हैं।

GNSU Admission Open 2026

गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों में भी इसी तरह के मार्च आयोजित करने की योजना है। इसके लिए कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई थी। बैठक में प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला, पूर्व मंत्री मूला राम, मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा और नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता समेत अन्य नेता शामिल हुए।

नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का दावा भी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पात्र मतदाताओं के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, 13.30 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने का आंकड़ा विपक्षी नेताओं द्वारा किया गया दावा है, जिसे उसी रूप में देखा जाना चाहिए।

गठबंधन नेताओं ने बताया कि विपक्षी सांसद भी निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक मार्च करने और राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगने की योजना बना रहे हैं। इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी रैलियां आयोजित करने का कार्यक्रम भी बताया गया है।

बैठक के दौरान नेताओं ने जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने में हो रही देरी को लेकर वे इस मुद्दे को भी अपने राजनीतिक अभियान में प्रमुखता से उठाएंगे।