बिहारशरीफ। नीतीश कुमार ने गुरुवार को नालंदा जिले के दीपनगर स्टेडियम में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य में पिछले वर्षों में हुए विकास कार्यों और आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में एनडीए सरकार बनने के बाद से बिहार में कानून-व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। पहले जहां लोग शाम के बाद घर से निकलने से डरते थे, वहीं अब राज्य में शांति और भाईचारे का माहौल है। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए बड़े पैमाने पर शिक्षकों की नियुक्ति की गई है और अब तक कुल 5.24 लाख सरकारी शिक्षक कार्यरत हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बहुत कम मरीज आते थे, लेकिन अब हर महीने औसतन 11,600 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है और आने वाले समय में इसे और विस्तारित किया जाएगा। सड़क और आधारभूत संरचना पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के सुदूर इलाकों से पटना पहुंचने का समय घटाकर लगभग 5 घंटे कर दिया गया है। कृषि क्षेत्र में भी प्रगति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और किसानों की आय बढ़ी है। ‘सात निश्चय’ और ‘सात निश्चय-2’ योजनाओं के तहत बिजली, पानी, रोजगार और महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्र में व्यापक काम हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक 10 लाख सरकारी नौकरियां और 40 लाख रोजगार उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जबकि अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। नालंदा जिले के विकास पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यहां सड़कों, बाईपास, शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
राजगीर सहित कई पर्यटन स्थलों का विकास किया गया है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिला है। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री सह नालंदा जिला के प्रभारी मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार, विधायक हरि नारायण सिंह, विधायक डॉ० सुनील कुमार, विधायक कौशल किशोर, विधायक रूहेल रंजन, विधायक जितेंद्र कुमार, विधायक कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया, विधान पार्षद नीरज कुमार सहित पूर्व विधायकगण, पूर्व विधान पार्षदगण व अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।







