Home बिहार सड़क दुर्घटना के पीछे हत्या की साजिश, 4 दोस्त गिरफ्तार

सड़क दुर्घटना के पीछे हत्या की साजिश, 4 दोस्त गिरफ्तार

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Murder plot behind road accident; 4 friends arrested.

कोलकाता: मुंबई पुलिस ने पांच साल पुराने एक हत्या के मामले का खुलासा करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने पैसों के विवाद में अपने ही दोस्त की हत्या कर दी थी और हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी। यह मामला महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले का है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई अपराध शाखा की घाटकोपर इकाई ने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया। अधिकारी के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक आत्माजी सावंत को सूचना मिली थी कि जिस मामले को दुर्घटनावश हुई मौत माना गया था, वह दरअसल एक सुनियोजित और निर्मम हत्या थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज नारायण भांडगे, सुरेंद्र चंद्रहास सोनावडेकर, अतिश भगवान मोरे और ऋतुराज शेट्टी के रूप में हुई है। वित्तीय लेन-देन को लेकर हुए गंभीर विवाद के बाद आरोपियों ने सोलापुर जिले के मालशिरस निवासी अशपाक मुलानी उर्फ निहाल की हत्या की साजिश रची थी। जांच में सामने आया कि मुलानी को बहाने से सिंधुदुर्ग जिले के कुडाल स्थित एक होटल में बुलाया गया था।

वहां चारों गिरफ्तार आरोपियों ने अपने दो अन्य सहयोगियों अमित राउत और मनोज भंडारी  के साथ मिलकर कथित तौर पर मुलानी पर हमला किया और उसकी मौके पर ही हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने मुलानी के शव और उसकी मोटरसाइकिल को फोंडा घाट की गहरी खाई में फेंक दिया, ताकि यह मामला सड़क दुर्घटना जैसा लगे। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के एलोरा क्षेत्र में गुरुवार को कुछ अज्ञात लोगों के साथ हुए विवाद के बाद एक जिला परिषद स्कूल शिक्षक की मौत हो गई। मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया है कि उनके पति की पीट-पीटकर हत्या की गई और इस घटना में कुछ पुलिसकर्मियों की भी भूमिका थी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले में सात अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1) (लापरवाही से मृत्यु कारित करना) और धारा 131 (गंभीर एवं अचानक उकसावे के बिना किसी व्यक्ति पर हमला) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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खुल्ताबाद पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, शिक्षक सुरेश बोरसे की पत्नी ने शिकायत में कहा है कि उनके पति घर आए मेहमानों के लिए आइसक्रीम खरीदने गए थे। इसी दौरान उनका कुछ लोगों से विवाद हो गया, जिसके बाद उन लोगों ने उनके साथ मारपीट की। महिला का आरोप है कि हमलावरों के साथ एक अन्य वाहन में पुलिस की टीम भी मौजूद थी और मारपीट के बाद उनके पति को उसी वाहन में बैठा लिया गया। एफआईआर के मुताबिक, जब वह और परिवार के अन्य सदस्य वाहन के चालक सीट पर बैठे व्यक्ति से पूछताछ करने पहुंचे, तो उसने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि सुरेश बोरसे ने पुलिस कार्रवाई में बाधा डाली थी। इसके बाद परिजनों ने सुरेश बोरसे को वाहन से बाहर निकाला और उन्हें छत्रपति संभाजीनगर स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बोरसे की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने एलोरा में छत्रपति संभाजीनगर-कन्नड़ मार्ग पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। फिलहाल मामले की जांच जारी है।