रांची। झारखंड की राजधानी रांची के वार्ड संख्या 41 स्थित सामुदायिक भवन को रांची नगर निगम द्वारा सील किए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। निगम की इस कार्रवाई के विरोध में स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भवन के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार, सहायक नगर आयुक्त ने मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए भवन को निगम के कब्जे में ले लिया। मुख्य द्वार पर लगाए गए नोटिस में इसे नगर निगम की संपत्ति बताते हुए कहा गया कि कुछ लोगों द्वारा इस पर अवैध कब्जा किया गया था। साथ ही आम लोगों को चेतावनी दी गई है कि सील या ताले के साथ छेड़छाड़ करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। सामुदायिक भवन के सचिव विशाल सिंह ने आरोप लगाया कि वार्ड पार्षद नीलम चौधरी ने इसे अपने निजी कार्यालय के रूप में उपयोग करने के उद्देश्य से निगम को गलत जानकारी देकर सील करवाया है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने इसे जनविरोधी कदम बताते हुए कहा कि यह भवन वर्षों से गरीब और जरूरतमंद लोगों के उपयोग में आ रहा था। नेताओं के अनुसार, यहां श्राद्ध कार्यक्रमों के लिए नि:शुल्क सुविधा और विवाह के लिए न्यूनतम शुल्क पर हॉल उपलब्ध कराया जाता था। इसके अलावा बच्चों के लिए पेंटिंग गतिविधियां, बुजुर्गों के लिए योग सत्र और स्वास्थ्य सेवाएं भी संचालित होती थीं। जगन्नाथपुर कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष रविशंकर ने कहा कि जब तक भवन को फिर से आम जनता के लिए नहीं खोला जाता, धरना जारी रहेगा। प्रदेश महासचिव कमल ठाकुर ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो चरणबद्ध आंदोलन और नगर निगम का घेराव किया जाएगा। फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।







