पटना। नेपाल के गंडक नदी बेसिन के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के बाद बिहार में गंडक नदी उफान पर है। नदी के बढ़े जलस्तर ने पश्चिम चंपारण समेत कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर कर दी है। हालात को देखते हुए बिहार सरकार ने बचाव और राहत कार्य के लिए जल संसाधन विभाग के मुख्यालय से कार्यपालक अभियंता की अध्यक्षता में चार टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार, 28 सितंबर को वाल्मीकिनगर बराज से 5,43,500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद बगहा गेज स्थल पर गंडक नदी का जलस्तर बढ़कर 91.25 मीटर के अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया। यह वर्ष 2024 में दर्ज 90.90 मीटर के पिछले रिकॉर्ड से 0.35 मीटर अधिक है।
बढ़ते जलस्तर के दबाव के कारण पश्चिम चंपारण जिले में चंपारण तटबंध दो स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव तथा तटबंध की मरम्मत का काम शुरू किया। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विभाग की गंडक फ्लैश फ्लड रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में कम समय में अत्यधिक बारिश के कारण वाल्मीकिनगर बराज में भारी मात्रा में पानी पहुंचा। बराज पर करीब 13 घंटे तक जलप्रवाह पांच लाख क्यूसेक से अधिक और लगभग 32 घंटे तक चार लाख क्यूसेक से ज्यादा रहा।
गंडक नदी का बढ़ा हुआ पानी पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों के निचले क्षेत्रों से होकर गुजर रहा है। इन इलाकों में बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, 26 और 27 सितंबर को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण तथा गोपालगंज में भी भारी बारिश हुई थी। इसके चलते वाल्मीकिनगर बराज के डाउनस्ट्रीम में नदी का जलस्तर पहले से ही ऊंचा था।
वर्ष 2024 में वाल्मीकिनगर बराज से अधिकतम 5,62,500 क्यूसेक जलप्रवाह दर्ज किया गया था। इस बार बराज से पानी का प्रवाह उस रिकॉर्ड से कम रहा, लेकिन बगहा में नदी का जलस्तर पिछले सभी रिकॉर्ड को पार कर गया।







