वॉशिंगटन। अमेरिका में पेंटागन के मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी की बड़ी डेटा चोरी का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर्स ने 30 लाख से अधिक लोगों का निजी और रोजगार संबंधी डेटा चुरा लिया है। इसमें सोशल सिक्योरिटी नंबर समेत कर्मचारियों की नौकरी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल होने की बात कही गई है।
एबीसी न्यूज ने एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी के हवाले से बताया कि डेटा सेंधमारी से करीब 27 लाख 60 हजार जीवित लोगों और 2 लाख 94 हजार मृत लोगों के रिकॉर्ड प्रभावित हुए हैं। यह जानकारी पेंटागन के एक निजी डेटा सेंटर में हुई सेंधमारी से जुड़ी है।
मिलिट्री टाइम्स ने पिछले सप्ताह इस साइबर सेंध की जानकारी दी थी। रिपोर्ट के अनुसार, यह सेंधमारी अक्टूबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच हुई। घटना सामने आने के बाद अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठान में संवेदनशील सरकारी और कर्मचारियों के डेटा की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चोरी किए गए डेटा का पैमाना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से चिंता बढ़ा सकता है। इसकी एक वजह यह है कि रिकॉर्ड में सैन्य और असैन्य कर्मचारियों के पदों तथा रोजगार से संबंधित जानकारी भी शामिल थी। ऐसी सूचनाओं का गलत इस्तेमाल कर्मचारियों की पहचान उजागर करने या उन्हें निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है।
इसी बीच एफबीआई कर्मचारियों की निजी जानकारी को लेकर भी साइबर सुरक्षा संबंधी चिंता सामने आई है। नेटवर्क के सूत्रों के अनुसार, अपराधी एफबीआई कर्मचारियों की निजी जानकारी सार्वजनिक करने की धमकी दे रहे हैं। एजेंसी को कथित तौर पर पता चला कि उसके आधिकारिक नौकरी पोस्टिंग पोर्टल में पर्याप्त सुरक्षा उपाय मौजूद नहीं थे।
डेटा ब्रीच से संभावित रूप से प्रभावित एफबीआई कर्मचारियों को चेतावनी जारी की गई है। उन्हें संदिग्ध फोन कॉल का जवाब नहीं देने और मीडिया से इस मामले पर बातचीत से बचने की सलाह दी गई है।
प्रकाशन के अनुसार, पेंटागन के पास छह करोड़ से अधिक मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों के निजी रिकॉर्ड मौजूद हैं। ऐसे में हालिया डेटा चोरी ने सरकारी कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा और साइबर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।







