तिरुवनंतपुरम। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो सदस्य और केरल में विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे। उनके इस कार्यक्रम को देखते हुए पार्टी ने दिल्ली में होने वाली अपनी केंद्रीय समिति की बैठक स्थगित कर दी है।
विपक्षी दल निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर विरोध जता रहे हैं। इसी क्रम में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसमें शामिल नेता और कार्यकर्ता एसआईआर प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर करेंगे तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाएंगे।
पिनाराई विजयन के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के फैसले को विपक्षी दलों के इस अभियान के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माकपा के वरिष्ठ नेता के रूप में विजयन की भागीदारी से प्रदर्शन में पार्टी की उपस्थिति प्रमुख रहने की उम्मीद है। हालांकि, प्रदर्शन में शामिल होने वाले अन्य नेताओं और दलों की ओर से कार्यक्रम को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद इसकी व्यापक तस्वीर स्पष्ट होगी।
माकपा की केंद्रीय समिति की बैठक में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे, राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी रणनीति से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होनी थी। बैठक के स्थगित होने के बाद इन मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए नई तारीख तय किए जाने की संभावना है। पार्टी की ओर से बैठक के अगले कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी दिए जाने पर स्थिति स्पष्ट होगी।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर देश में राजनीतिक बहस जारी है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाताओं के अधिकारों और सूची में नाम जोड़ने तथा हटाने से संबंधित प्रक्रियाओं पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर न हो।
वहीं, इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं। दिल्ली में होने वाला विरोध प्रदर्शन मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष की आपत्तियों और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को सामने लाने का एक और मंच बनेगा।







