
पटना: आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा विभाग ने पटना के पांच प्रमुख होटलों में औचक निरीक्षण किया। सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में रसोई की स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के भंडारण, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन में कई कमियां सामने आईं। संबंधित होटलों को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी कर 14 दिनों के भीतर सुधार करने का निर्देश दिया गया है।
होटल गर्गी ग्रैंड में पनीर-दाल के नमूने लिए
होटल गर्गी ग्रैंड की रसोई में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे मिले। खाद्य सामग्री के भंडारण में एफआईएफओ/एफईएफओ प्रणाली का पालन नहीं किया जा रहा था। पानी की अंतिम जांच वर्ष 2024 में होने और कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं होने जैसी कमियां भी मिलीं। यहां से पनीर और अरहर दाल के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए।
पाटलिपुत्र एक्सोटिका में एक्सपायरी सामान नष्ट
पाटलिपुत्र एक्सोटिका की रसोई में साफ-सफाई की स्थिति असंतोषजनक मिली। स्टोर रूम में भंडारण व्यवस्था में खामियां थीं और टूटा वेंटिलेटर होने के कारण रसोई में कबूतर की मौजूदगी पाई गई। निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी राज मिल्क, बेकरी मिक्स, हाइड्रो और जीरा सीप सहित सामग्री नष्ट कराई गई।
द पनाश होटल में मटन-चिकन और ब्रेड नष्ट
द पनाश होटल के फ्रीजर में करीब 10 किलोग्राम मटन और चिकन ऐसे पैकेटों में रखा मिला, जिन पर निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि अंकित नहीं थी। इसे मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त मानते हुए जब्त कर नष्ट कराया गया। बिना अंतिम उपयोग तिथि वाले छह पैकेट ब्रेड भी नष्ट किए गए।
होटल मौर्या और लेमन ट्री की भी जांच
होटल मौर्या में खाद्य पदार्थ बनाने के लिए एल्युमिनियम के बर्तनों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई। यहां से पनीर और सॉल्टेड बटर के नमूने लिए गए। वहीं, लेमन ट्री होटल से पनीर, चीज, टमाटर सॉस और लिक्विड सॉस के नमूने संग्रहित किए गए।
विभाग ने सभी होटलों को स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। तय समय में कमियां दूर नहीं होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।






