
सासाराम (रोहतास)। जिले में औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण को लेकर उद्योग विभाग ने एक अनूठी पहल शुरू की है। विभाग अब इस्तेमाल हो चुके बेकार सामानों (वेस्ट) को दोबारा उपयोग में लाने यानी ‘री-यूज’ करने पर विशेष जोर दे रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक, पुरानी बोतलें और अन्य कचरे के रूप में फेंकी जाने वाली सामग्रियों को फिर से उपयोगी बनाना है।
प्रशिक्षण के दौरान आम लोगों, विशेषकर महिलाओं को विस्तार से बताया गया कि किस तरह वे अपने घरों से निकलने वाले प्लास्टिक और बोतलों को नया रूप देकर इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे न केवल गंदगी कम होगी, बल्कि स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिरकत कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। मौके पर मौजूद रोहतास एडीएम, जिला शिक्षा पदाधिकारी मदन राम और अन्य पदाधिकारियों ने इस पहल की सराहना की।
अधिकारियों ने कहा कि वेस्ट सामग्री को ‘वेस्ट टू यूज़’ की श्रेणी में लाना आज के समय की बड़ी जरूरत है। इससे पर्यावरण स्वच्छ रहेगा और छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। उद्योग विभाग के पदाधिकारी आशिष रंजन के नेतृत्व में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि यह पहल मुद्दा सिंह (प्रशासनिक मार्गदर्शन) के आदेशानुसार शुरू की गई है, ताकि जिले में उद्योग के साथ-साथ नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके। प्रशासन का मानना है कि यदि लोग कचरे का सही प्रबंधन और पुनर्चक्रण सीख जाएं, तो यह आर्थिक रूप से भी काफी मददगार साबित होगा।






